बूढ़े आसमानमे कल किसीने आग लगा दी
टीम टीमाते उसके सभी बच्चे जल गए
धीरे धीरे राख बनकर ज़मीं पर बिखर गए
बूढ़े आसमान मे कल किसीने आग लगा दी |
बुट पोलिश करनेवाले व़ोह नौ साल के बच्चे को
तेरे साए तले कभी नींद नहीं आती |
पूरा दिन मजदूरी करता है फीरभी
उसकी पेट की थाली में
तुने कभी खाना परोसा नहीं
और चूले की आग रोज़ तेज़ कर देता है
और थाली तपती रहेती है
तुजे उसकी भूख को
यूँ नज़रअंदाज़ करना नहीं चाहीये था |
उन आदिवासीयो की तरफ देख
जो तेरी विशाल प्रकृती को संभाले हुए है
कितने डरे डरे
सेहमे सेहमे
मुर्जाये हुए लगते है
एक भेडीया उन्हें
हौले हौले चबाते हुए खा रहा है
कच्चे मांस की तरहा
तुजे उनके तीर की धार को
चीख और पुकार को
जंगल के भस्म की राख को
यूँ नज़रअंदाज़ करना नहीं चाहीये था |
तेरी दी हुई बंज़र जमीन पर
अपना पसीना सींच कर
दुनीया को दावते उगा कर दी
उसका बेटा
कीसी ठाकुर के घर हाथ फेलाये खडा है
जबकी उसे होना चाहीये था असली राजकुमार |
फटे कपड़ो से टपकती कोमल जिस्म की नदी को
काले कौए
अपनी चांच से चाट रहे है
बारी बारी अपना हिस्सा बाट रहे है
वोह उसकी बेटी है
जीसे होना चाहिये था असली राज कुमारी
और वोह खुद
अपने ही खेत में
अपनी ही फसलो के बीच मरा पडा है
तुजे इन किसानो की मेहनत की तपिस को
यूँ नज़रअंदाज़ करना नहीं चाहीये था |
कल रात
व़ोह सब मिले
फीर अपने दील की ज़मीन में दबे लावा को
एक साथ भड़का दीया
और
टीम टीमाते तेरे सभी बच्चे जल गए
धीरे धीरे राख बनकर ज़मीं पर बिखर गए
बूढ़े आसमानमे कल इन सब ने मिलकर आग लगा दी |
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